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सत्तू पराठा रेसिपी (बिहारी सत्तू पराठा) – सरसों तेल वाली स्टफिंग
सरसों तेल और सत्तू से भरा बिहारी पराठा – नाश्ता, टिफिन और लिट्टी जैसी स्टफिंग। दही या अचार के साथ।
सत्तू पराठा क्या है?
मसाला पराठा या मसाला रोटी वह पराठा है जिसमें मसाले आटे में ही मिलते हैं। आलू-पनीर जैसी स्टफिंग नहीं होती। लोग इसे नाश्ता, टिफिन और चाय के साथ सर्च करते हैं।
स्वाद अजवाइन, जीरा, कश्मीरी लाल मिर्च, हल्दी, गरम मसाला, अमचूर और कसूरी मेथी से आता है। 35 मिनट में बन जाता है।
ये रेसिपी घर की ढाबा-स्टाइल मसाला रोटी है – नरम अंदर, बाहर से क्रिस्पी, टिफिन में भी नरम रहती है।
सामग्री (2 लोगों / 4 परांठों के लिए)
जरूरी बर्तन
- तवा / सपाट नॉन-स्टिक पैन
- बेलन
- मिश्रण के कटोरे
- पलटा
- कटोरा (सत्तू मिलाने के लिए)
विधि (स्टेप बाई स्टेप)
- आटे में नमक और 1 चम्मच तेल डालकर नरम आटा गूँथें। 15-20 मिनट रखें।
- सत्तू में प्याज, मिर्च, लहसुन, अदरक, सरसों तेल, अचार मसाला, अजवाइन, अमचूर और नमक मिलाएँ।
- मिक्स पाउडर लगे तो 2-3 बूँद पानी डालें। हाथ से दबाने पर बंधे, गीला न हो।
- 4 लोई बनाएँ। थोड़ी बेलें, बीच में स्टफिंग रखें, किनारे बंद करें।
- हल्के हाथ से बेलें। ज्यादा दबाव न डालें।
- गरम तवे पर सेकें। पलटें, घी लगाएँ, दोनों तरफ सुनहरा करें।
- गरम सत्तू पराठा दही, अचार, सफ़ेद मक्खन या चाय के साथ परोसें।
सत्तू पराठे का सही आटा कैसे गूँथें
नरम आटा सत्तू ढकता है। बहुत पतला आटा फटता है।
- गूँथने के लिए हमेशा गुनगुना पानी लें, गर्म नहीं।
- गूँथते समय 1 चम्मच तेल डालें। आटा नरम और बेलने में आसान रहेगा।
- कम से कम 4-5 मिनट गूँथें जब तक आटा चिकना और नरम हो।
- आटा ढककर 15-20 मिनट रखें। इससे आटा सेट होता है और फटता कम है।
- आटा ज्यादा पतला या चिपचिपा न बनाएँ, नहीं तो बेलना मुश्किल होगा।
सत्तू स्टफिंग कैसे बांधें
सत्तू ज्यादा सूखा हो तो पाउडर निकलता है, ज्यादा गीला हो तो पराठा फटता है।
- सरसों तेल जरूर डालें। यही बिहारी स्वाद देता है।
- प्याज का पानी ज्यादा हो तो हल्का निचोड़ लें।
- मिक्स हाथ से दबाने पर डला बने तो सही है।
- पाउडर लगे तो 2-3 बूँद पानी या थोड़ा और तेल।
- अचार का तेल या अचार मसाला डालने से स्वाद लिट्टी जैसा आता है।
बिना फटे भरना और टिफिन टिप्स
- ज्यादा स्टफिंग न भरें।
- किनारे अच्छे से बंद करें, हवा निकाल दें।
- हल्के हाथ से बीच से बाहर बेलें।
- टिफिन में ठंडा करके रखें, दो पराठों के बीच पेपर दें।
- बच्चों के लिए मिर्च कम करें।
- साथ में दही सबसे अच्छा जाता है।
सत्तू पराठा क्रिस्पी क्यों नहीं होता और उपाय
आम कारण और उपाय:
- तवा गरम नहीं: तवा पहले अच्छे से गरम करें।
- धीमी आँच: मध्यम या मध्यम-तेज आँच रखें।
- घी जल्दी लगाना: पहले थोड़ा सेकें, फिर घी लगाएँ।
- ज्यादा सूखा आटा: ज्यादा आटा जलता है और रंग बराबर नहीं आता।
- आटा ज्यादा नरम: थोड़ा सख्त आटा टेक्सचर बेहतर देता है।
परफेक्ट पराठे के लिए तवे की सही आँच
तवा मध्यम गरम होना चाहिए। जाँच:
- तवे पर पानी की बूँद डालें। चटचटाकर जल्दी उड़े तो आँच सही है।
- पानी पड़ा रहे और चटचटाए नहीं तो तवा ठंडा है।
- पानी तुरंत भाप बनकर उड़े और धुआँ आए तो तवा ज्यादा गरम है (आँच कम करें)।
पहली तरफ हल्के बुलबुले आने तक सेकें, फिर पलटें। घी लगाकर पलटे से हल्का दबाएँ ताकि रंग बराबर आए।
सत्तू पराठे में आटा या मैदा
गेहूँ का आटा पारंपरिक और सेहतमंद विकल्प है। स्वाद और टेक्सचर अच्छा आता है।
मैदा से पराठा ज्यादा नरम और परतदार बनता है, लेकिन सेहत में हल्का पड़ता है।
अच्छा मेल: थोड़ा नरम पराठा चाहिए तो 80% आटा + 20% मैदा मिला सकते हैं।
सत्तू पराठा कैसे रखें और फ्रीज करें
बचे पराठे (फ्रिज):
- पराठे कमरे के तापमान पर पूरी तरह ठंडे करें।
- फॉइल में लपेटें या बंद डिब्बे में रखें।
- फ्रिज में 2 दिन तक रख सकते हैं।
- तवे पर थोड़े घी से गर्म करें। अच्छा टेक्सचर चाहिए तो माइक्रोवेव से बचें।
बाद के लिए फ्रीज:
- पराठे 70-80% तक सेकें (पूरी तरह काले न करें)।
- पूरी तरह ठंडे करें।
- हर पराठे के बीच बटर पेपर रखें।
- बंद डिब्बे या ज़िप लॉक बैग में रखें।
- फ्रीजर में एक महीने तक अच्छे रहते हैं।
- गरम करने के लिए सीधे गरम तवे पर थोड़े घी से सेकें।
ये गलतियाँ न करें
- सत्तू पाउडर जैसा छोड़ना: तेल या 2 बूँद पानी से बांधें।
- ज्यादा पानी: स्टफिंग गीली होगी और पराठा फटेगा।
- सरसों तेल छोड़ना: स्वाद सादा रह जाएगा।
- ज्यादा भरना: किनारे नहीं बंद होंगे।
- आटा न रखना: बेलते समय फटता है।
और वेरिएशन
- वेगन सत्तू पराठा: घी की जगह तेल।
- बिना प्याज: सिर्फ सरसों तेल, लहसुन, अचार मसाला।
- लिट्टी स्टाइल: अचार मसाला और लहसुन थोड़ा बढ़ाएँ।
- निम्बू वाला: अमचूर की जगह ताजा नींबू।
- बच्चों वाला: मिर्च कम, प्याज बारीक।
- कसूरी मेथी: चुटकी कसूरी मेथी मिलाएँ।
पोषण जानकारी (प्रति पराठा)
कैलोरी: 300 kcal
कार्ब्स: 40-45 ग्राम
प्रोटीन: 6-8 ग्राम
फैट: 8-12 ग्राम
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सत्तू पराठा बेलते समय फटने से कैसे बचाएँ?
सत्तू बांधकर रखें, ज्यादा न भरें, किनारे बंद करें, हल्के हाथ से बेलें।
सत्तू स्टफिंग पाउडर जैसी क्यों रहती है?
सरसों तेल कम है। 1 बड़ा चम्मच तेल डालें, दबाने पर डला बने।
क्या सरसों तेल जरूरी है?
बिहारी स्वाद के लिए हाँ। न हो तो घी चलेगा, स्वाद हल्का अलग होगा।
टिफिन में सूखने से कैसे बचाएँ?
थोड़ा मोटा बेलें, ठंडा करके पैक करें, दो पराठों के बीच पेपर रखें।
प्याज डालना जरूरी है?
जरूरी नहीं। बिना प्याज भी लिट्टी स्टाइल बनता है।
सत्तू पराठा कैसे परोसें?
गरम सत्तू पराठा दही, अचार, सफ़ेद मक्खन या चाय के साथ सबसे अच्छा लगता है।
प्रिंट स्रोत: https://cavakit.com/hi/recipes/paratha/sattu-paratha/